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उज्जैन में शिप्रा तट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज, 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह के साथ मनाया गया

प्रदेशभर में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह उज्जैन के कार्तिक मेला मैदान में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पवित्र शिप्रा नदी के तट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और ‘लोकतंत्र रक्षकों’ को सम्मानित किया। देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सिमहस्थ केंद्रित कार्यक्रमों ने समारोह को विशेष बना दिया।

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूखेड़ा, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिक समारोह में उपस्थित रहे।

शिप्रा तट पर तिरंगे गुब्बारों का विमोचन

कार्तिक मेला मैदान के समीप गोल्डन घाट पर मुख्यमंत्री ने तिरंगे रंगों के गुब्बारे आकाश में छोड़े, जिससे देशभक्ति और जनसेवा का संदेश दिया गया। इस अवसर पर होमगार्ड और एसडीआरएफ के जवानों ने 40 से अधिक तिरंगे रंगों से सजी नौकाओं पर राष्ट्रध्वज के साथ देशभक्ति गीत गाए। घाट को तिरंगी सजावट से सजाया गया और भील जनजाति के कलाकारों द्वारा भगोरिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई।

2028 में सिमहस्थ को देखते हुए विशेष आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में सिमहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है, इसी दृष्टि से इस बार गणतंत्र दिवस समारोह शिप्रा तट पर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा निरंतर बढ़ रही है और देशभक्ति की भावना हर नागरिक के मन में और सुदृढ़ हुई है।

‘समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश’ पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। कृषि बजट में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है और किसानों के लिए दस बहुउद्देश्यीय गतिविधियाँ शुरू की गई हैं। राज्य को डेयरी कैपिटल बनाने, सौर पंपों को बढ़ावा देने और मछली उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन जैसे कदम उठाए गए हैं।

उद्योग, निवेश और रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन विश्वास अधिनियमों के माध्यम से औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मध्यप्रदेश की भागीदारी से अंतरराष्ट्रीय निवेश के नए अवसर बने हैं। पीएम मित्र पार्क, ऑनलाइन औद्योगिक प्लॉट आवंटन और सिंगल विंडो सिस्टम से रोजगार सृजन को गति मिली है।

ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण

प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार, जल जीवन मिशन, मेट्रो परियोजनाएँ, चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या बढ़ाने, सांडिपनि विद्यालय, कोडिंग लैब और छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से सर्वांगीण विकास को गति दी गई है। लाड़ली बहना योजना सहित अनेक सामाजिक योजनाओं से करोड़ों नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।

विकसित मध्यप्रदेश@2047 का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि “विकसित मध्यप्रदेश@2047” का विजन प्रधानमंत्री के “विकसित भारत@2047” के संकल्प के अनुरूप है। सतत प्रगति ही राज्य का लक्ष्य है और गणतंत्र दिवस हमें उपलब्धियों की समीक्षा और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर देता है।

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