भारत

जयपुर FPO पर इंटरनेशनल ड्रग तस्करी का भंडाफोड़, थाईलैंड से आए पार्सल में ₹1 करोड़ का विदेशी हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त

राजस्थान की राजधानी जयपुर में फॉरेन पोस्टल ऑफिस (FPO) पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CNB) ने थाईलैंड से आए एक अंतरराष्ट्रीय पार्सल से करीब ₹1 करोड़ रुपये कीमत का विदेशी हाइड्रोपोनिक गांजा (Hydroponic Weed) जब्त किया है। गांजा खाने-पीने के सामान, खासकर चिप्स के पैकेटों के नीचे छुपाकर भारत भेजा गया था।
चिप्स के पैकेट में छुपाकर भेजा गया नशा
CNB अधिकारियों के अनुसार, पार्सल की गहन जांच के दौरान 650 ग्राम अवैध हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुआ। तस्करों ने कस्टम जांच से बचने के लिए इसे फूड आइटम्स के बीच बेहद शातिर तरीके से छुपाया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
तीन अलग-अलग विदेशी ब्रांड के पैकेट बरामद
तलाशी के दौरान हाइड्रोपोनिक गांजे के तीन अलग-अलग विदेशी ब्रांड के पैकेट मिले, जिनमें शामिल हैं:
•‘Superbook’ (California, USA) – 320 ग्राम
•‘The Killer Queen’ (British Columbia) – 110 ग्राम
•‘The Ice Cream Cake’ (West Coast, USA) – 220 ग्राम
कुल वजन 650 ग्राम पाया गया।
खुफिया सूचना पर CNB की बड़ी कार्रवाई
कोटा के उप नारकोटिक्स आयुक्त नरेश बुंदेल ने बताया कि जयपुर सेल को खुफिया सूचना मिली थी कि थाईलैंड से आए एक पार्सल में खाने के सामान के साथ हाइड्रोपोनिक वीड छुपाकर मंगवाया गया है। सूचना की पुष्टि के बाद CNB जयपुर सेल की विशेष टीम गठित की गई और FPO में यह कार्रवाई की गई।
युवती से पूछताछ, अजमेर–पुष्कर से जुड़े तार
जांच में सामने आया है कि यह पार्सल जयपुर की एक युवती द्वारा मंगवाया गया था। शुरुआती पूछताछ में उसके अजमेर और पुष्कर से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। CNB अधिकारी अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाने के लिए गहन पूछताछ कर रहे हैं।
NDPS Act के तहत जब्ती, जांच जारी
बरामद गांजे को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
क्या है हाइड्रोपोनिक गांजा?
हाइड्रोपोनिक वीड पानी के माध्यम से उगाया जाने वाला अत्यधिक गुणवत्ता वाला गांजा होता है, जिसे आमतौर पर विदेशों में तैयार किया जाता है। इसमें नशीले तत्व सामान्य गांजे की तुलना में कहीं अधिक होते हैं, इसी वजह से इसकी कीमत भी बहुत ज्यादा होती है। इसका उपयोग अक्सर हाई-प्रोफाइल और रेव पार्टियों में किया जाता है।

Related Articles

Back to top button