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ट्रंप का दावा: “संयुक्त राज्य अमेरिका बन गया असली संयुक्त राष्ट्र”, थाईलैंड-कम्बोडिया संघर्षविराम पर दिया बयान

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हाल ही में हुए संघर्षविराम का स्वागत करते हुए दोनों देशों के नेतृत्व की सराहना की। सीमा संघर्ष में 100 से अधिक लोगों की मौत और लगभग 5 लाख लोगों के विस्थापन के बाद यह समझौता हुआ। ट्रंप ने इसे “तेजी और निर्णायक” (FAST & DECISIVE) बताया और कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और मलेशिया के साथ मिलकर मध्यस्थता में भाग लेकर गर्व महसूस कर रहा है।

ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा, “मैं दोनों महान नेताओं को इस त्वरित और निष्पक्ष निष्कर्ष पर पहुंचने की बुद्धिमत्ता के लिए बधाई देना चाहता हूं। ये सभी मामलों में ऐसे ही तेज़ और निर्णायक होने चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि शायद संयुक्त राज्य अमेरिका असली संयुक्त राष्ट्र (REAL UNITED NATIONS) बन गया है और संयुक्त राष्ट्र को विश्व शांति के लिए सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए।

संघर्षविराम की प्रमुख बातें

दोनों देशों ने 27 दिसंबर 2025 को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजे से तुरंत प्रभावी होने वाले संघर्षविराम पर सहमति जताई। समझौते में सभी हथियारों का उपयोग, नागरिकों और नागरिक ढांचों पर हमले, और सैन्य लक्ष्यों पर हमला रोकने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। दोनों पक्षों ने बिना उकसावे के फायरिंग या सैनिकों को आगे बढ़ाने से परहेज करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

साथ ही, समझौते में ओटावा कन्वेंशन के तहत एंटी-पर्सनेल माइंस (ANTIMINE) और मानवतावादी डिमाइनिंग में सहयोग, साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसी अंतरराष्ट्रीय अपराध गतिविधियों पर संयुक्त सहयोग सुनिश्चित करने का उल्लेख किया गया। विश्वास निर्माण के तहत, 18 कंबोडियाई सैनिकों को तब लौटाने पर सहमति हुई जब संघर्षविराम 72 घंटे तक पूरी तरह से लागू रहे।

मध्यस्थता में ASEAN की भूमिका

थाईलैंड-कंबोडिया सीमा संघर्ष की मध्यस्थता में ASEAN ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीसरी विशेष सामान्य सीमा समिति (GBC) की बैठक में दोनों देशों के रक्षा मंत्री और ASEAN पर्यवेक्षक टीम (AOT) उपस्थित थे। इस बैठक में सीमा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान, आपसी सम्मान, और भरोसे के माहौल में बातचीत करने पर जोर दिया गया।

इस संघर्षविराम से दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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