प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के 129वें संस्करण में युवाशक्ति, खेल उपलब्धियों और सांस्कृतिक विरासत पर किया जोर

प्रधानमंत्री ने 28 दिसंबर 2025 को प्रसारित ‘मन की बात’ के 129वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए वर्ष 2025 की उपलब्धियों और 2026 के संकल्पों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि 2025 ने भारत को नए आत्मविश्वास से भरा है और 2026 नए उत्साह और नई ऊर्जा के साथ दस्तक दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को राष्ट्र-गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करता। उन्होंने ‘वंदे मातरम 150’ अभियान में देशवासियों की उत्साही भागीदारी का भी उल्लेख किया।
खेल उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2025 भारतीय खेलों के लिए ऐतिहासिक रहा। पुरुष टीम ने आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीती, जबकि महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। महिला ब्लाइंड टी-20 विश्व कप में भी भारत की बेटियों ने देश का मान बढ़ाया।
विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शुभांशु शुक्ला के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने से भारत ने नई ऊंचाइयां छुई हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के बीच उन्होंने बताया कि देश में चीता की संख्या 30 से अधिक हो गई है।
प्रधानमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ और अयोध्या राम मंदिर में ध्वजारोहण को 2025 की ऐतिहासिक सांस्कृतिक उपलब्धियां बताया। स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ते विश्वास को भी उन्होंने राष्ट्र के आत्मनिर्भरता अभियान से जोड़ा।
युवाओं की भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हैकाथॉन 2025 में 80 से अधिक विभागों की 270 समस्याओं पर छात्रों ने अभिनव समाधान दिए।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को मूल्यों और संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान किया और IISc बेंगलुरु के ‘गीतांजलि IISc’ तथा दुबई की ‘कन्नड़ पाठशाला’ जैसे उदाहरणों से भाषा और परंपरा के संरक्षण की सराहना की।
मनिपुर के मोइरंगथेम सेथ द्वारा सौर ऊर्जा अभियान और जम्मू-कश्मीर के जहानपोरा में मिले प्राचीन बौद्ध परिसर का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्थानीय प्रयासों और विरासत पर गर्व व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि “दवाओं में मार्गदर्शन जरूरी है और एंटीबायोटिक में डॉक्टर जरूरी हैं।”
उन्होंने नारसापुरम की लेस कला, मणिपुर की हस्तशिल्प कलाकार मार्गरेट रामथारसिएम और चोखोने क्रिचेना के फूल-खेती कार्यों को उदाहरण बताते हुए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की सराहना की।
रन उत्सव, कच्छ के आयोजन का जिक्र करते हुए उन्होंने देशवासियों को भारत की विविधता का अनुभव करने का आह्वान किया।
अंत में प्रधानमंत्री ने 2026 को विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण वर्ष बताते हुए सभी देशवासियों को नए वर्ष की शुभकामनाएं दीं और कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट के तहत सभी को स्वस्थ और सक्रिय रहना चाहिए।



