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अमेरिका-ईरान वार्ता फिर शुरू होने के संकेत, ट्रंप बोले- अगले दो दिनों में हो सकती है बड़ी पहल

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर एक बड़ी हलचल सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता अगले दो दिनों में फिर शुरू हो सकती है। न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावना बढ़ गई है और इसके लिए इस्लामाबाद संभावित मेजबान स्थल हो सकता है।

करीब 45 दिनों से जारी संघर्ष की शुरुआत इजरायल द्वारा ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाकर किए गए हमलों से हुई थी, जिसके बाद अमेरिका भी इस सैन्य अभियान में शामिल हो गया। जवाब में ईरान ने दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में शामिल Strait of Hormuz को बंद कर दिया, जहां से वैश्विक जीवाश्म ईंधन आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में भारी उथल-पुथल मच गई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंदी का खतरा बढ़ गया।

ट्रंप ने साफ किया कि वह खुद इन संभावित वार्ताओं में शामिल नहीं होंगे, लेकिन वॉशिंगटन की ओर से प्रतिनिधित्व कौन करेगा, इस पर अभी तस्वीर स्पष्ट नहीं है। इससे पहले JD Vance ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए ईरानी संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की थी, लेकिन वह अंततः गतिरोध में समाप्त हुई।

वार्ता में सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बना हुआ है। ट्रंप ने उन खबरों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु गतिविधियों पर 20 साल की रोक का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका किसी अस्थायी समझौते के बजाय ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर स्थायी और पूर्ण रोक चाहता है। दूसरी ओर, ईरान ने कथित तौर पर 5 साल के यूरेनियम संवर्धन विराम की पेशकश की थी, जिसे वॉशिंगटन ने अस्वीकार कर दिया।

जमीन पर तनाव अभी भी बरकरार है। वार्ता विफल होने के बाद ट्रंप प्रशासन ने Strait of Hormuz में ईरान से जुड़े जहाजों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का आदेश दिया। हालांकि कुछ जहाज अब भी सीमित रूप से गुजर रहे हैं, लेकिन बीमा, आपूर्ति श्रृंखला और ईंधन कीमतों पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका के भीतर भी पेट्रोल पंपों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ने लगा है, जो midterm elections से पहले ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकता है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहा, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की ओर जा सकती है। ऐसे में आने वाले 48 घंटे यह तय करने में बेहद अहम होंगे कि अमेरिका और ईरान फिर से बातचीत की मेज पर लौटते हैं या संघर्ष और गहराता है।


 


 


 

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