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नोएडा बना ‘गैस चैंबर’: 910 AQI के बीच घना कोहरा, सांस लेना भी बना चुनौती

दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। घने कोहरे और जहरीली हवा के दोहरे असर ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 910 तक पहुंच गया, जिसे ‘गंभीर’ श्रेणी से भी आगे का स्तर माना जा रहा है। इस स्थिति में लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।

रविवार (28 दिसंबर) की रात दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में विजिबिलिटी 100 मीटर से भी नीचे दर्ज की गई। घने कोहरे के कारण सड़क यातायात पर गंभीर असर पड़ा, कई जगह वाहनों की रफ्तार थम गई और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई। सर्दी के बढ़ते प्रकोप के साथ जहरीली धुंध ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार नोएडा में AQI 910 दर्ज किया गया, जो बेहद खतरनाक स्थिति को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियों के चलते अगले कुछ दिनों में प्रदूषण से राहत की उम्मीद कम ही है।

CPCB के अनुसार, दिल्ली के कई प्रतिष्ठित इलाकों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मंडी हाउस का AQI 423, जबकि राजघाट और ITO क्षेत्रों में AQI 399 के पार दर्ज किया गया, जिसे ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच माना जाता है।

मौसम विभाग के अनुसार 31 दिसंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और 1 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना है। यदि बारिश होती है तो कुछ दिनों के लिए प्रदूषण स्तर में गिरावट आ सकती है और लोगों को जहरीली हवा से राहत मिल सकती है।

कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर इस समय ठंड, कोहरे और प्रदूषण की तिहरी मार झेल रहा है, और हालात ने इसे सचमुच एक ‘गैस चैंबर’ जैसा बना दिया है।

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