शिखर धवन ने बांग्लादेश में हिंदू महिला पर हमले की निंदा की, कहा– ऐसी हिंसा अस्वीकार्य
पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही हिंसा और एक हिंदू विधवा के साथ हुए हालिया जघन्य हमले की कड़ी निंदा की है। धवन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ इस तरह की बर्बरता कहीं भी हो, किसी भी रूप में हो, अस्वीकार्य है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में मध्य बांग्लादेश के कालिगंज क्षेत्र में एक हिंदू महिला के साथ क्रूर अत्याचार और सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई। महिला के बाल काट दिए गए और उसे पेड़ से बांधा गया। इस घटना ने देश में कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
धवन ने पीड़िता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और न्याय जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अल्पसंख्यकों पर हमले और बिगड़ते क्रिकेट संबंध
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसक घटनाओं को लेकर भारत में भी व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है। इसका असर भारत-बांग्लादेश के क्रिकेट संबंधों पर भी दिखाई दे रहा है।
हालिया घटनाक्रम के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम से मुस्तफिजुर रहमान को हटाए जाने की खबर सामने आई। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत यात्रा पर पुनर्विचार करते हुए टी20 विश्व कप के मैचों को भारत से बाहर स्थानांतरित करने की मांग उठाई और आईपीएल के प्रसारण को भी अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया।
इन घटनाओं के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) आगे क्या रुख अपनाती है, क्योंकि टूर्नामेंट में अब अधिक समय शेष नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पसंख्यकों पर हो रहे लगातार हमले न केवल मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच खेल एवं जन-संपर्क संबंधों पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं।



