ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल लैडर’ फायर इंजन की फायर ब्रिगेड में वापसी गर्व का विषय – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 1937 में निर्मित विंटेज फायर इंजन को मिला नया जीवन
मुंबई, जनवरी 2026 : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वर्ष 1937 में निर्मित ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल लैडर’ फायर इंजन की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की फायर ब्रिगेड सेवा में वापसी मुंबईवासियों के लिए गर्व का क्षण है। इस विंटेज फायर इंजन का अनावरण BMC मुख्यालय में मुख्यमंत्री के हाथों किया गया।
इस अवसर पर BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगरानी, अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी, मुंबई अग्निशमन दल के प्रमुख अग्निशमन अधिकारी रवींद्र अंबुलगेकर, उद्योगपति गौतम सिंघानिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस ऐतिहासिक फायर इंजन का गहन निरीक्षण किया और इसके संरक्षण व पुनर्स्थापन के लिए मुंबई फायर ब्रिगेड के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुंबई फायर ब्रिगेड न केवल भारत बल्कि दुनिया की सबसे सक्षम अग्निशमन सेवाओं में से एक है। इसके जवानों ने अनेक बार अपनी जान जोखिम में डालकर नागरिकों की रक्षा की है। इस ऐतिहासिक वाहन की पुनः सेवा में वापसी BMC फायर ब्रिगेड और मुंबई शहर दोनों के लिए गौरव की बात है।
1944 की भीषण अग्निकांड में निभाई थी अहम भूमिका
यह ‘टर्न टेबल लैडर’ फायर इंजन वर्ष 1937 में इंग्लैंड की लेयलैंड कंपनी द्वारा निर्मित किया गया था और 24 सितंबर 1941 को मुंबई फायर ब्रिगेड के बेड़े में शामिल हुआ था। उस समय इसकी घूमने वाली लोहे की सीढ़ी अत्याधुनिक तकनीक मानी जाती थी, जिससे ऊंची इमारतों, गोदामों और डॉक क्षेत्र में प्रभावी अग्निशमन संभव हो सका।
14 अप्रैल 1944 को मुंबई डॉक में खड़े मालवाहक जहाज एस.एस. फोर्ट स्टिकीन में भीषण आग लग गई थी। जहाज में विस्फोटक, ईंधन और युद्ध सामग्री भरी होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। ऐसे कठिन हालात में इसी टर्न टेबल लैडर फायर इंजन की मदद से फायर ब्रिगेड ने ऊंचे गोदामों तक पहुंचकर आग बुझाई, फंसे लोगों को बचाया और घायलों को सुरक्षित नीचे उतारा। इस त्रासदी में अनेक जानें गईं, लेकिन फायर ब्रिगेड के साहसिक प्रयासों से कई जीवन बचाए जा सके।
दशकों बाद मिला नया जीवन
समय के साथ यह ऐतिहासिक वाहन निष्क्रिय हो गया और बायकुला स्थित फायर ब्रिगेड मुख्यालय में स्मारक के रूप में रखा गया। इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए BMC आयुक्त भूषण गगरानी ने इसे पुनर्स्थापित करने की पहल की। उद्योगपति गौतम सिंघानिया के सहयोग से इस वाहन को फिर से कार्यशील बनाने का कार्य शुरू हुआ।
पुनर्स्थापन का कार्य जेके इन्वेस्टर्स (बॉम्बे) लिमिटेड के सुपर कार क्लब गैरेज में किया गया। दशकों पुराने और अनुपलब्ध हो चुके पुर्जों को फिर से तैयार करने के लिए ऐतिहासिक तकनीकी दस्तावेजों और ड्रॉइंग्स का अध्ययन किया गया तथा आधुनिक तकनीक से नए पुर्जों का निर्माण किया गया।
आज यह ऐतिहासिक फायर इंजन पूरी तरह से फिर से सेवा के लिए तैयार है। यह उपलब्धि BMC प्रशासन की दूरदृष्टि, निजी सहयोग और इंजीनियरों की शोध आधारित नवाचार क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है।



