लखनऊ में म्यूचुअल फंड घोटाला: 80 करोड़ की धोखाधड़ी में फॉर्च्यून सिग्नल का एमडी गिरफ्तार

म्यूचुअल फंड निवेश के नाम पर संचालित एक संगठित वित्तीय धोखाधड़ी का भंडाफोड़ करते हुए जांच एजेंसियों ने करीब 80 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया है। राज्य सरकार के निर्देश पर की गई कार्रवाई में फॉर्च्यून सिग्नल के मैनेजिंग डायरेक्टर अमरीशनाथ तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामला भ्रष्टाचार, जीएसटी चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है।
हजरतगंज से संचालित संगठित नेटवर्क
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र से फॉर्च्यून सिग्नल तथा उससे संबद्ध शिवम टेलीकॉम के माध्यम से फर्जीवाड़े का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। कथित रूप से म्यूचुअल फंड लाइसेंस की आड़ में कई शेल कंपनियों का गठन किया गया और निवेशकों को असामान्य रिटर्न का लालच देकर धन एकत्र किया गया।
जीएसटी चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत
अधिकारियों के अनुसार, निवेशकों से जुटाई गई राशि का उपयोग सुनियोजित तरीके से जीएसटी चोरी और काले धन को सफेद करने में किया गया। जांच में यह भी पाया गया है कि इसी धन से दिल्ली और लखनऊ में महंगी अचल संपत्तियां खरीदी गईं। अब तक करीब 80 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन से जुड़े ठोस साक्ष्य संकलित किए जा चुके हैं।
निवेशकों की शिकायत पर शुरू हुई जांच
मामले की जांच जीएसटी विभाग को प्राप्त निवेशकों की शिकायतों के आधार पर प्रारंभ की गई। जांच के दौरान व्यापक वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुईं। कुछ निवेशकों ने गोपनीयता की शर्त पर यह भी बताया कि इस नेटवर्क का उपयोग प्रभावशाली व्यक्तियों के अवैध धन को वैध बनाने के लिए किया जा रहा था।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई
यह कार्रवाई प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप की गई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराध, कर चोरी और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध किसी भी स्तर पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित निवेशकों में न्याय की अपेक्षा बढ़ी है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच प्रक्रिया जारी है और यदि अन्य व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो उनके विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने दोहराया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान पूरी सख्ती के साथ आगे भी जारी रहेगा।



