सियासत

तमिलनाडु चुनाव में राहुल गांधी के प्रचार दौरे में देरी से कांग्रेस-डीएमके खेमे में बढ़ी चिंता

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम और निर्णायक चरण में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के प्रचार कार्यक्रम की तारीखों में हो रही देरी ने राज्य कांग्रेस इकाई और उसके प्रमुख सहयोगी Dravida Munnetra Kazhagam की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस को गठबंधन में 28 सीटें मिलने के बावजूद अब तक राहुल गांधी का राज्य में सक्रिय चुनाव प्रचार शुरू नहीं हो पाया है, जिससे कई उम्मीदवार खुद को नुकसान की स्थिति में महसूस कर रहे हैं।

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के भीतर जमीनी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं का दबाव बढ़ता जा रहा है कि राहुल गांधी और Priyanka Gandhi Vadra दोनों जल्द राज्य में रैलियां करें। दोनों नेताओं को पार्टी का सबसे बड़ा crowd-puller माना जाता है, जो अंतिम दिनों में कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर सकते हैं। हालांकि TNCC अध्यक्ष K. Selvaperunthagai और अन्य वरिष्ठ नेता राज्यभर में व्यापक जनसंपर्क कर रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व की गैरमौजूदगी को लेकर असहजता बनी हुई है।

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी का तमिलनाडु दौरा कार्यक्रम अभी तक अंतिम रूप नहीं ले पाया है। इसकी एक बड़ी वजह राज्य इकाई के भीतर कुछ संगठनात्मक मतभेद बताए जा रहे हैं, जिसने केंद्रीय नेतृत्व को भी सतर्क कर दिया है। यही कारण है कि कांग्रेस अभी तक प्रचार तिथियों की आधिकारिक घोषणा नहीं कर सकी है।

इस बीच कांग्रेस नेताओं ने delimitation exercise के मुद्दे पर भाजपा को घेरना तेज कर दिया है। 16 से 18 अप्रैल के बीच प्रस्तावित इस मुद्दे को लेकर पार्टी का ध्यान एक तरफ आंतरिक समन्वय पर है, तो दूसरी तरफ व्यापक राजनीतिक संदेश देने पर भी। इससे यह भी साफ है कि पार्टी की चुनावी रणनीति फिलहाल कई मोर्चों पर बंटी हुई है।

राहुल गांधी की देरी ने कांग्रेस-डीएमके रिश्तों को लेकर भी अटकलें तेज कर दी हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने हाल ही में यह नोट किया कि राहुल गांधी और M. K. Stalin हाल में पड़ोसी पुडुचेरी में एक ही दिन मौजूद रहे, लेकिन दोनों ने मंच साझा नहीं किया। इससे गठबंधन के भीतर तालमेल को लेकर सवाल उठे हैं।

कांग्रेस नेताओं की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि जमीनी स्तर पर पार्टी काफी हद तक DMK के मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क पर निर्भर है। ऐसे में चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में राहुल गांधी की अनुपस्थिति को Secular Progressive Alliance के लिए संभावित झटका माना जा रहा है। हालांकि तमिलनाडु कांग्रेस प्रभारी Girish Chodankar ने भरोसा दिलाया है कि राहुल गांधी का कार्यक्रम जल्द घोषित होगा।

मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस और DMK दोनों के लिए यह स्पष्ट है कि अंतिम चरण की रणनीति में राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी निर्णायक साबित हो सकती है। ऐसे में राहुल गांधी के दौरे की घोषणा पर अब पूरे गठबंधन की नजरें टिकी हुई हैं।


 


 


 

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