आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय पर हुए आतंकी हमले की निंदा की

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बोंडी बीच पर हनुक्का पर्व के दौरान यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है। इस हमले में अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सिडनी के बोंडी बीच पर हुए इस भयावह आतंकवादी हमले की भारत कड़ी निंदा करता है। पीएम मोदी ने कहा कि हनुक्का के पहले दिन उत्सव मना रहे लोगों को निशाना बनाया जाना अत्यंत दुखद है। उन्होंने भारत की जनता की ओर से उन परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट की जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, और कहा कि इस दुख की घड़ी में भारत ऑस्ट्रेलिया के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं करता और इसके सभी स्वरूपों के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का समर्थन करता है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत की संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है।
घटना सिडनी के स्थानीय समयानुसार शाम करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच हुई, जब बोंडी बीच पर सैकड़ों लोग मौजूद थे। यह हमला हनुक्का के पहले दिन आयोजित ‘चानुका बाय द सी’ कार्यक्रम के दौरान हुआ। चश्मदीदों के अनुसार, काले कपड़ों में आए दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें 12 से 50 राउंड चलने की आवाजें सुनी गईं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है और जांच जारी है।
इस बीच, इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग और विदेश मंत्री ने भी हमले पर गहरा दुख जताया। राष्ट्रपति हर्जोग ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सिडनी में यहूदी समुदाय पर हमला उस समय किया गया जब लोग मोमबत्तियां जलाकर पर्व मना रहे थे। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरकार पर यहूदी-विरोधी भावना को लेकर पहले दी गई चेतावनियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि इस कठिन समय में उनकी दुआएं सिडनी समेत पूरे ऑस्ट्रेलिया के यहूदी समुदाय के साथ हैं।
यह हमला एक बार फिर दुनिया के सामने आतंकवाद की क्रूर सच्चाई को उजागर करता है, जिस पर भारत समेत कई देशों ने एकजुट होकर कड़ा रुख अपनाने की जरूरत पर जोर दिया है।



