अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में ‘श्रीराम यंत्र’ की प्राण प्रतिष्ठा, राष्ट्रपति ने किए रामलला के दर्शन

चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन गुरुवार को राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने Shri Ram Janmabhoomi Mandir में ‘श्रीराम यंत्र’ की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की। हिंदू नववर्ष के इस शुभ अवसर पर उन्होंने रामलला के चरणों में नमन करते हुए पूजा-अर्चना और आरती की।
इस दौरान राज्यपाल Anandiben Patel और मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी राष्ट्रपति के साथ पूरे विधि-विधान से रामलला के दर्शन किए। तीनों गणमान्य व्यक्तियों ने मंदिर परिसर में स्थापित सभी देवी-देवताओं के समक्ष श्रद्धापूर्वक नमन किया। राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर वहां की भव्य नक्काशी और स्थापत्य कला का अवलोकन भी किया।
वैदिक मंत्रोच्चार और संतों की उपस्थिति में राष्ट्रपति ने मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थित श्रीराम यंत्र की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न की। यह कार्यक्रम चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जो हिंदू नववर्ष का भी प्रारंभ माना जाता है।
‘श्रीराम यंत्र’ को लगभग दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य Vijayendra Saraswati द्वारा एक धार्मिक शोभायात्रा के माध्यम से अयोध्या भेजा गया था। वैदिक गणित और ज्यामितीय संरचना पर आधारित यह यंत्र दिव्य ऊर्जा का केंद्र माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने का प्रतीक है।
इस यंत्र की स्थापना के लिए नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पहले से ही जारी था, जिसमें दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के विद्वान आचार्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर Mata Amritanandamayi, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष Govind Dev Giri, ट्रस्टी Anil Mishra और सदस्य Gopal Ji सहित कई संत और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस ऐतिहासिक आयोजन के साथ अयोध्या में आध्यात्मिकता, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिला।



