लेबनान में विस्थापन के बीच UNHCR कम्युनिटी सेंटर बने जीवनरेखा, 13 हजार से ज्यादा लोगों तक पहुंची मदद

लेबनान में लगातार जारी हवाई हमलों और बड़े पैमाने पर विस्थापन के बीच UNHCR समर्थित कम्युनिटी डेवलपमेंट सेंटर्स (CDCs) हजारों प्रभावित परिवारों के लिए जीवनरेखा बनकर उभरे हैं। 8 अप्रैल को बेरूत, माउंट लेबनान, बेका और दक्षिणी क्षेत्रों में 10 मिनट के भीतर 100 से ज्यादा हवाई हमलों में 300 से अधिक लोगों की मौत और 1,100 से ज्यादा लोग घायल हुए, जिसके बाद देशभर में विस्थापन और भय का माहौल और गहरा गया।
UNHCR के अनुसार, मौजूदा हालात में 16 कम्युनिटी सेंटर अब भी सक्रिय हैं, जो अब तक 13,000 से अधिक विस्थापित लोगों तक पहुंच चुके हैं। इनमें आधे से ज्यादा महिलाएं और लड़कियां हैं। इन केंद्रों में प्रभावित परिवारों को जानकारी, मनोसामाजिक सहायता, कानूनी मदद, केस मैनेजमेंट और जरूरी सेवाओं के रेफरल एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे बार-बार यात्रा करने की जरूरत कम होती है और सुरक्षा जोखिम भी घटता है।
8 अप्रैल के हमलों के बाद बढ़ा भय और अनिश्चितता
UNHCR ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्षविराम को लेकर फैली भ्रमित जानकारी के कारण कुछ विस्थापित लोग घर लौटे थे, लेकिन अगले ही दिन बड़े पैमाने पर हुए हमलों के बाद उन्हें दोबारा भागना पड़ा। इससे लोगों में यह डर और गहरा हुआ है कि देश में अब कोई भी जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। दक्षिणी लितानी नदी के पास एक प्रमुख पुल के क्षतिग्रस्त होने से राहत पहुंचाना और आवाजाही दोनों मुश्किल हो गए हैं।
बच्चों और महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर
सुरक्षा निगरानी में सामने आया है कि कई परिवार अत्यधिक भीड़भाड़, किराया शोषण, बेदखली और बुनियादी जरूरतों की कमी से जूझ रहे हैं। बच्चों में स्कूलिंग बाधित होने, परिवार से बिछड़ने, बाल श्रम और मानसिक तनाव के मामले बढ़े हैं। UNHCR और उसके साझेदारों ने इस सप्ताह 1,107 बच्चों को मनोसामाजिक सहायता दी, जिसमें अस्थायी शेल्टरों में पढ़ाई, गतिविधियां और परिवार पुनर्मिलन सहायता शामिल रही।
शेल्टर के बाहर रह रहे परिवारों को नकद मदद
सैदा और बेरूत में फील्ड विजिट के दौरान UNHCR टीमों ने कई परिवारों को सड़कों, वाहनों और अधूरी इमारतों में रहने की स्थिति में पाया। केवल सैदा में ही करीब 135 सीरियाई शरणार्थी खुले में सोते मिले। हालिया आकलन में 82% परिवारों ने नकद सहायता को सबसे बड़ी जरूरत बताया, जबकि भोजन और शेल्टर अगली प्राथमिकताएं रहीं। मार्च की शुरुआत से अब तक UNHCR ने 450 से अधिक अत्यंत कमजोर परिवारों को इमरजेंसी कैश सहायता दी है।
सीरिया लौटने वालों के लिए भी सहायता
1 अप्रैल से UNHCR ने सुरक्षा हालात के चलते सीरिया लौटने वाले शरणार्थियों के लिए “force majeure” सहायता शुरू की है। इसके तहत दस्तावेजी मदद और प्रति व्यक्ति 100 डॉलर का रिटर्न कैश ग्रांट दिया जा रहा है, ताकि परिवहन खर्च और वापसी के दौरान सुरक्षा जोखिम कम हो सके। अब तक 400 से ज्यादा परिवारों को परामर्श और सहायता मिल चुकी है।
61 मिलियन डॉलर की इमरजेंसी अपील
UNHCR ने लेबनान के लिए 61 मिलियन डॉलर की इमरजेंसी फंडिंग अपील जारी की है, जो 6 लाख विस्थापित लोगों तक सुरक्षा, शेल्टर, राहत सामग्री और नकद सहायता पहुंचाने के लिए जरूरी है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि मार्च 2026 के अंत तक उसका लेबनान ऑपरेशन सिर्फ 20% फंडेड है, जबकि जरूरतें तेजी से बढ़ रही हैं।



