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विक्रम दोराईस्वामी बने चीन में भारत के नए राजदूत, MEA ने की घोषणा

भारत सरकार ने वरिष्ठ राजनयिक Vikram K Doraiswami को चीन में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है। Ministry of External Affairs (MEA) ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। वर्तमान में दोराईस्वामी United Kingdom में भारत के उच्चायुक्त के रूप में कार्यरत हैं और जल्द ही अपने नए पदभार को संभालेंगे।

1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी दोराईस्वामी के पास वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक अनुभव का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड है। अगस्त 2022 में उन्हें यूके में उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था, इससे पहले वे Bangladesh में भारत के राजदूत के रूप में सफल कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।

चीन के साथ उनका जुड़ाव करियर के शुरुआती दौर से रहा है। 1994 में उन्हें Hong Kong स्थित भारतीय मिशन में थर्ड सेक्रेटरी के रूप में तैनात किया गया था, जहां उन्होंने चीनी भाषा का अध्ययन किया। इसके बाद 1996 में उन्होंने Beijing स्थित भारतीय दूतावास में भी सेवाएं दीं, जिससे उन्हें चीन से जुड़े मामलों का गहरा अनुभव मिला।

अपने करियर के दौरान दोराईस्वामी ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वर्ष 2002 में उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में निजी सचिव के रूप में सेवाएं दीं। 2006 में वे New York में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में पॉलिटिकल काउंसलर बने।

इसके बाद 2009 में उन्हें Johannesburg में भारत का कौंसुल जनरल नियुक्त किया गया। 2011-12 के दौरान उन्होंने विदेश मंत्रालय में सार्क डिवीजन का नेतृत्व किया और 2012 में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समन्वयक भी रहे।

दोराईस्वामी ने आगे चलकर अमेरिका डिवीजन में संयुक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया और Uzbekistan व South Korea में भारत के राजदूत रहे, जिससे उनका कूटनीतिक अनुभव और मजबूत हुआ।

चीन में उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब भारत-चीन संबंध रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बने हुए हैं और इसमें अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता है। वे वर्तमान राजदूत Pradeep Kumar Rawat का स्थान लेंगे, जो दिसंबर 2021 से इस पद पर कार्यरत हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि दोराईस्वामी का व्यापक अनुभव और चीन की गहरी समझ भारत-चीन संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

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