विदेशों में अध्ययनरत झारखंड के मेधावी छात्रों से मिले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिक्षा व शोध को बताया राज्य का भविष्य

झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren से कांक रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में विदेशों में उच्च शिक्षा एवं शोध कर रहे झारखंड के मेधावी छात्रों ने शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात Ranchi में संपन्न हुई, जहां मुख्यमंत्री ने छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री से मिलने वाले छात्रों में यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में अध्ययन व अध्यापन कर रहे शोधार्थी और छात्र शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के छात्र आज विश्वस्तरीय संस्थानों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं, यह राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सफलता झारखंड में शिक्षा और शोध को लेकर सरकार की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
छात्रों ने मुख्यमंत्री को उनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और दूरदर्शी सोच के कारण झारखंड के प्रतिभाशाली युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने विशेष रूप से मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना से छात्रों को वैश्विक शिक्षा के सपने साकार करने में बड़ी मदद मिल रही है।
विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री की हालिया विदेश यात्रा के दौरान छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों से संवाद ने झारखंड के छात्रों में नया आत्मविश्वास और उत्साह भरा है। उन्होंने आग्रह किया कि विशेष रूप से आदिवासी समुदाय के बच्चों को शिक्षा, पीएचडी और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहन दिया जाए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की विरासत के बाद आज राज्य के आदिवासी छात्र ऑक्सफोर्ड जैसी विश्वस्तरीय संस्थाओं में अध्ययन कर रहे हैं, यह झारखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा का अवसर मिले। वर्तमान में हर वर्ष 25 छात्र इस छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित हो रहे हैं और आने वाले समय में इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।



