भारत

एनटीएच और डीआरडीओ की डीएमएसआरडीई के बीच अनुसंधान, परीक्षण और प्रशिक्षण सहयोग के लिए समझौता

नेशनल टेस्ट हाउस (एनटीएच), जो उपभोक्ता मामलों के विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन संस्था है, ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अधीन रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (डीएमएसआरडीई), कानपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य अनुसंधान, परीक्षण और प्रशिक्षण के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है।

इस समझौते के तहत निम्न उद्देश्यों को बढ़ावा दिया जाएगा:

  • संयुक्त अनुसंधान एवं परीक्षण गतिविधियाँ

  • प्रयोगशाला एवं उपकरण सुविधाओं का साझा उपयोग

  • वैज्ञानिक एवं तकनीकी विशेषज्ञता का आदान–प्रदान

  • सेमिनार, कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से क्षमता निर्माण

  • आपसी हित और राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों में सहयोग

समझौते के अनुसार, दोनों संस्थान परीक्षण और मूल्यांकन सेवाओं में एक-दूसरे को सहयोग प्रदान करेंगे, विशेषकर उन मामलों में जहाँ आवश्यक विशेष सुविधाएँ अपने स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं। यह सहयोग वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मियों के कौशल विकास और ज्ञान साझा करने को भी प्रोत्साहित करेगा।

एनटीएच, जिसकी स्थापना 1912 में हुई, विभिन्न औद्योगिक और उपभोक्ता उत्पादों के परीक्षण, निरीक्षण और गुणवत्ता आश्वासन सेवाएँ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रदान करता है। यह एनएबीएल मान्यता प्राप्त एवं बीआईएस द्वारा मान्य प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के माध्यम से कार्य करता है।

डीएमएसआरडीई, कानपुर, जिसका इतिहास 1929 से जुड़ा है, रक्षा अनुप्रयोगों के लिए बहुलक, कंपोजिट, इलास्टोमर, सिरेमिक, तकनीकी वस्त्र, ईंधन, स्नेहक और अन्य विशेष गैर-धात्विक सामग्रियों के अनुसंधान एवं विकास में संलग्न है।

यह समझौता एनटीएच और डीआरडीओ की इस साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है कि संस्थागत क्षमता और संसाधनों का उपयोग करते हुए अनुसंधान एवं परीक्षण को सुदृढ़ किया जाए, कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाए और संगठित सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्रीय विकास में योगदान दिया जाए।

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