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ग्रामीण कानून-व्यवस्था की रीढ़ हैं पुलिस पाटिल, कर्तव्यों का निष्ठा से करें निर्वहन: पालक मंत्री जयकुमार रावल

जिला स्तरीय पुलिस पाटिल सम्मेलन संपन्न, ‘पुलिस पाटिल मार्गदर्शिका’ का विमोचन

धुले, जनवरी 2026 : पालक मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस पाटिल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और वे ग्रामीण पुलिसिंग की रीढ़ हैं। इसलिए पुलिस पाटिलों को अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए।

यह विचार उन्होंने हिराभवन में आयोजित जिला स्तरीय पुलिस पाटिल सम्मेलन और ‘पुलिस पाटिल मार्गदर्शिका’ के विमोचन अवसर पर व्यक्त किए। इस कार्यक्रम में विधायक अनूप अग्रवाल, विधायक राघवेंद्र पाटिल, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सुभाष भामरे, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय देवरे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी ज्ञानेश्वर जाधव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

पालक मंत्री रावल ने कहा कि किसी घटना के घटित होने के बाद सूचना देना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है घटनाओं को होने से पहले रोकना, जो पुलिस पाटिलों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। गांवों में पुलिस पाटिल को एक सम्मानित व्यक्ति के रूप में देखा जाता है। वर्तमान समय में कई शिक्षित युवक-युवतियां, स्नातक एवं स्नातकोत्तर, इस पद पर कार्यरत हैं। उनके लिए यह मार्गदर्शिका कर्तव्यों को स्पष्ट रूप से समझने और निभाने में सहायक सिद्ध होगी।

उन्होंने बताया कि औपनिवेशिक काल के कानूनों को समाप्त कर अब भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बने इन ऐतिहासिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में पुलिस पाटिलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। गांव की गतिविधियों पर नजर रखना, सतर्क रहना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और शांति सुनिश्चित करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी है।

विधायक राघवेंद्र पाटिल ने कहा कि ग्रामीण जीवन में सरपंच, ग्रामसेवक और रोजगार सेवक के साथ-साथ पुलिस पाटिल एक महत्वपूर्ण कड़ी है। विधायक अनूप अग्रवाल ने पुलिस पाटिल व्यवस्था को ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यंत प्रभावी बताते हुए इसे पुलिस विभाग की “स्लिप सर्विस” का प्रतिनिधि कहा। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सुभाष भामरे ने भी इस पहल की सराहना की।

पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने बताया कि पालक मंत्री के निर्देशानुसार यह सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पाटिलों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि मार्गदर्शिका में दैनिक कार्यप्रणाली, कानून, शासन निर्णय और नियमों की व्यावहारिक जानकारी दी गई है, जिससे पुलिस पाटिल अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था से संबंधित सूचनाएं समय पर पुलिस को देने वाले पुलिस पाटिलों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया तथा ‘पुलिस पाटिल मार्गदर्शिका’ का औपचारिक विमोचन किया गया। कार्यक्रम का प्रास्ताविक सहायक पुलिस निरीक्षक रूपेश काले ने किया और आभार प्रदर्शन अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय देवरे ने किया। जिलेभर से बड़ी संख्या में पुलिस पाटिल इस सम्मेलन में उपस्थित रहे।

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