“दूसरे देशों के पंजीकृत जहाज़ों पर बल प्रयोग का अधिकार किसी राज्य को नहीं”: रूसी तेल टैंकर जब्ती पर रूस का अमेरिका को कड़ा जवाब
रूस ने अमेरिकी सेना द्वारा रूसी ध्वज वाले ऑयल टैंकर ‘मरीनेरा’ की जब्ती को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन बताया, कहा—उच्च समुद्री जल में नौवहन की स्वतंत्रता सभी देशों का अधिकार

मास्को: अमेरिकी सेना द्वारा रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर को जब्त किए जाने की घटना के बाद रूस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मॉस्को ने कहा है कि उच्च समुद्री जल में किसी अन्य देश के विधिवत पंजीकृत जहाज़ पर बल प्रयोग करने का अधिकार किसी भी देश को नहीं है। रूस ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है।
रूस के परिवहन मंत्रालय ने टेलीग्राम पर बयान जारी कर कहा कि ‘मरीनेरा’ नामक तेल टैंकर, जिसे पहले ‘बेला–1’ के नाम से जाना जाता था, को 24 दिसंबर 2025 को अस्थायी रूप से रूसी ध्वज के अंतर्गत परिचालन की अनुमति दी गई थी। मंत्रालय के अनुसार यह अनुमति रूसी कानून और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत प्रदान की गई।
मंत्रालय ने बताया कि यह जहाज़ किसी भी देश के क्षेत्रीय जल से बाहर उच्च समुद्री क्षेत्र में था, तभी अमेरिकी नौसेना के कर्मियों ने उसमें सवार होकर नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया, जिसके बाद टैंकर से संपर्क टूट गया।
रूसी मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र समुद्री क़ानून सम्मेलन (UNCLOS-1982) का हवाला देते हुए कहा कि उच्च समुद्री जल में नौवहन की स्वतंत्रता सभी देशों का अधिकार है और किसी भी देश को दूसरे देश के अधीन विधिवत पंजीकृत जहाज़ों के विरुद्ध बल प्रयोग का अधिकार नहीं है।
इधर अमेरिकी यूरोपीय कमांड के अनुसार अमेरिका ने उत्तर अटलांटिक महासागर में रूसी-ध्वज वाले टैंकर एम/वी बेला-1 को जब्त किया, जिस पर अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप है। अमेरिकी तटरक्षक बल के जहाज़ ने कई दिनों की निगरानी के बाद कार्रवाई की और बताया गया कि यह जब्ती अमेरिकी संघीय अदालत के वारंट के आधार पर की गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह जहाज़ प्रतिबंधित तेल टैंकरों के बेड़े का हिस्सा था और लंबे समय से वेनेजुएला के समीप अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश कर रहा था। इस घटना के बाद रूस और अमेरिका के बीच समुद्री क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
रूस ने कहा है कि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाएगा और अपने जहाज़ तथा उसके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।



